🌸 अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज का पूज्य वर्षायोग 2026

✨ प्रकृति की गोद में, शिक्षा के पावन परिसर में, इंदौर के निकट…

एक दिव्य आध्यात्मिक आयोजन — पूज्य वर्षायोग 2026 — शीघ्र ही आरंभ होने जा रहा है। अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज के सान्निध्य में यह वर्षायोग आत्मचिंतन, साधना और शांति का अद्भुत संगम होगा।

यह आयोजन प्रकृति की सुंदरता से घिरे, शिक्षा के पावन वातावरण में आयोजित किया जाएगा — जहाँ अध्यात्म और ज्ञान का संगम होगा। स्थान का शुभ उद्घोष शीघ्र… आयोजन स्थल और लोकेशन की जानकारी जल्द ही साझा की जाएगी।

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अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज का 47वां अवतरण दिवस 3 से: तीन दिवसीय वार्षिक महोत्सव में होंगे विविध आयोजन

अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर जी महाराज का 47वां अवतरण दिवस 3 से 5 जुलाई तक तीन दिवसीय वार्षिक महोत्सव के रूप में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ परिवहन नगर दिगंबर जैन समाज एवं आरोहण परिवार मनाया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

3 जुलाई – मंगल कलश एवं भक्ति संध्या

प्रातः विशेष गुरु पूजन एवं अभिषेक के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। दिनभर विभिन्न धार्मिक आयोजन तथा सायंकाल गुरु भक्ति एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित होंगी।

4 जुलाई – भक्ति व सेवा के विविध आयोजन

समाजजनों द्वारा गुरुदेव के सान्निध्य में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम, गो सेवा गतिविधियां एवं भक्ति आयोजन संपन्न होंगे।

5 जुलाई – भव्य शोभायात्रा एवं महोत्सव

अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में विशाल धार्मिक आयोजन के साथ शोभायात्रा, गुरु वंदना तथा सामूहिक धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होंगे।

पूज्य मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज के 47वें अवतरण दिवस पर कोटिशः वंदन एवं मंगलकामनाएँ

गुरु का सान्निध्य जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य होता है। गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि अपने तप, त्याग, संयम और साधना से जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। पूज्य मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज का पावन जीवन इन्हीं दिव्य गुणों का अनुपम उदाहरण है।

उनके 47वें अवतरण दिवस के शुभ अवसर पर संपूर्ण श्रद्धालु समाज की ओर से विनम्र वंदन एवं हार्दिक शुभकामनाएँ। गुरुदेव का जीवन अनगिनत आत्माओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी मधुर वाणी, निष्काम सेवा, धर्म के प्रति समर्पण और आत्मकल्याण का संदेश प्रत्येक व्यक्ति को संयम, करुणा और आत्मचिंतन के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है।

गुरुदेव का संदेश – जीवन का प्रकाश

पूज्य गुरुदेव का प्रत्येक उपदेश मानव जीवन को धर्ममय बनाने की प्रेरणा देता है। उनका तपस्वी जीवन हमें सिखाता है कि सच्चा सुख बाहरी साधनों में नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि, संयम और सदाचार में निहित है।

उनकी प्रेरणा से असंख्य श्रद्धालु धर्म, सेवा और संस्कारों के मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं। गुरुदेव का आशीर्वाद समाज में सद्भाव, नैतिकता और आध्यात्मिक चेतना का संचार करता है।

इंदौर विमानतल पर ‘यात्री सुविधा दिवस’ का भव्य आयोजन, आरोहण परिवार की सदस्य की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता सभी का दिल : केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी रहीं मुख्य अतिथि, समर्पणम डांस एकेडमी की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बिखेरा भारतीय संस्कृति का रंग

इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण, विकास और जनहित के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ‘यात्री सुविधा दिवस’ का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विमानतल पहुंचे यात्रियों का पुष्प भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी रहीं।

भारतीय संस्कृति की मनमोहक झलक
आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा समर्पणम डांस एकेडमी का शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम। आरोहण परिवार की सदस्य एवं समर्पणम डांस एकेडमी की डायरेक्टर निधि जैन के कुशल निर्देशन और आकर्षक कोरियोग्राफी में कलाकारों ने भारतीय लोककला, संगीत और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर आधारित एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने यात्रियों और अतिथियों को भारतीय संस्कृति की अनमोल विरासत से रूबरू कराया और खूब तालियां बटोरीं।

गणमान्य अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में उन्नति सिंह, रोनिका जैन, विमानतल प्रबंधक सुनील मग्गीरवार, सांसद प्रतिनिधि बंटी गोयल, विभिन्न विमानन कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी, सुरक्षा बल के अधिकारी एवं शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे भारतीय संस्कृति और अतिथि सत्कार का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

आरोहण मतलब धर्म, समाज और संस्कृति का समन्वय : अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज ने आरोहण फाउंडेशन की विस्तारित रूपरेखा समझाई

आरोहण फाउंडेशन द्वारा गुरुवार को एनआईएफ ग्लोबल कैंपस में आरोहण उत्सव की वास्तविक भूमिका को अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज ने समझाया। आयोजन का शुभारंभ दीप प्रज्वलन व मीनल जैन द्वारा मंगलाचरण से हुआ।
मुनिश्री के मंगल सानिध्य में हुए इस कार्यक्रम में ऑन स्क्रीन आरोहण फाउंडेशन के गठन के उद्देश्य, कार्य और भविष्य की योजना और संरचना पर आरोहण फाउंडेशन की सारथी रेखा संजय जैन ने संपूर्ण जानकारी का पीपीटी द्वारा प्रदर्शन किया। इसमें रेखा जैन ने बताया कि आरोहण एक परिवार–एक विचार तथा ज्ञान और संस्कार की नई उड़ान है। आरोहण के स्वप्न दृष्टा जगद्गुरु कर्मयोगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति स्वामी जी श्रवणबेलगोला थे और उनके स्वप्न को पूरा करने वाले अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज जी हैं। इस महती कार्य को पूरा करने में मार्गदर्शन जगद्गुरु समत्वयोगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति स्वामी जी श्रवणबेलगोला का मिला।

स्वाध्याय परंपरा को पुनर्जीवित करने को प्रतिबद्ध
आरोहण का परिचय धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन के रूप में है। मुनि श्री पूज्य सागर महाराज के आशीर्वाद से परिवार आधारित संरचना बन पाया। आरोहण फाउंडेशन के उद्देश्य जैन धर्म की रक्षा और उसका प्रचार करना, स्वाध्याय परंपरा को पुनर्जीवित करना, समाज में एकता और संस्कार बढ़ाना
आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की ओर कदम बढ़ाना है। आरोहण के प्रमुख विशेषताएं यह है कि इसमें कोई शुल्क और दान नहीं है। केवल भक्ति, सेवा और स्वाध्याय करना है।संतवाद-पंथवाद से ऊपर तीर्थंकर वाणी को सर्वोपरि रखना भी है। आरोहण की मुख्य संरचना में 15–20 सदस्यों का परिवार है। इसकानाम धार्मिक आधार पर है जैसे–अरिहंत परिवार।

आरोहण की गतिविधियां
आरोहण फाउंडेशन की गतिविधियों में धार्मिक विधान और पूजन,सांस्कृतिक एवं मर्यादित मनोरंजन कार्यक्रम के अलावा सामाजिक सेवा कार्य तथा स्वाध्याय एवं संस्कार शिविर का आयोजन करना शामिल है। संगठन प्रणाली के बारे में सारथी रेखा संजय जैन ने बताया कि धर्म चक्रवर्ती समिति में 21 सदस्य होंगे। संचालन समिति (कार्य निष्पादन) होगी और इनके निर्णय धर्म आधारित होंगे। बताया गया कि संस्था के मुख्य सिद्धांतों में एकता और सामूहिकता के साथ संयमित जीवनशैली के अलावा सात्त्विक आहार-विहार और अनुशासन और सेवा प्रमुख हैं। संस्था का संकल्प संस्कारों से समाज, समाज से संस्कृति,
और संस्कृति से समृद्धि का है।

धार्मिक विधान और समाज कल्याण का संकल्प
आरोहण फाउंडेशन के बारे में अपने मंगल उदबोधन में अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज ने कहा कि आरोहण का उद्देश्य युवाओं को धर्म से जोड़ना, समाज के उत्थान और समाज सेवा के विभिन्न प्रकल्पों को करने तथा जैन संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के साथ-साथ दिगंबर जैन समाज के धार्मिक कार्यक्रमों पंच कल्याणक, कलश अभिषेक, शांतिधारा, विश्व शांतियज्ञ आदि में अपनी भूमिका से सहयोग प्रदान करना है। समाज के युवाओं को रोजगार सृजन के लिए प्रेरित कर समाज को समृद्ध करने में भी सहयोग प्रदान करना है। इसमें समाज के युवक और युवतियों को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। यह टीम समाज सेवा, चिकित्सा, शिक्षा सहित कई प्रकल्पों में मददगार होगी। तथा वर्तमान में आरोहण फाउंडेशन का ऐप और वेब साइट भी बन चुकी है।

यह अतिथि भी रहे उपस्थित
इस अवसर पर समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सारस्वत अतिथि राष्ट्रीय कवि सत्यनारायण सत्तन, देवपुत्र के संपादक गोपाल माहेश्वरी, पत्रिका के संपादक अनिल कर्मा, मोयरा सरिया के डायरेक्टर व प्रमुख समाज सेवी संदीप जैन, ग्रेटर बाबा नवग्रह जिनालय के अध्यक्ष नरेंद्र वेद, कॉलोनी डेवलेपर जितेंद्र जैन मौजूद रहे।

पीपीटी के माध्यम से कार्यों की दी जानकारी
वर्तमान में आरोहण फाउंडेशन के लगभग 80 सदस्यों में से अनुराग वेद, निधि जैन, अभिषेक जैन, पूर्विशा जैन, लवीश पंचोलिया, पायल जैन, रेखा जैन द्वारा पीपीटी के माध्यम से अपने कार्यों की विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत की गई।

इस अवसर पर अमित कासलीवाल, टीके वेद, डीके माला जैन, कैलाश वेद, आरके रानेका, नमीष जैन, गिरीश रारा, नकुल पाटोदी, निर्मल कासलीवाल, सुशील पंड्या, वितुल अजमेरा, अनूप गांधी, संजय पापड़ीवाल, श्रेष्ठी जैन, नवनीत काका, कमलेश जैन, राजेश नीता जैन, रितेश पिंकी कासलीवाल सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्रीफल जैन न्यूज़ की संपादक रेखा संजय जैन ने किया।

आरोहण संगठन की प्रथम बैठक संपन्न, वेबसाइट का हुआ विमोचन : नवग्रह जिनालय में पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

श्री दिगंबर जैन नवग्रह जिनालय में पूज्य अंतर्मुखी पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में ‘आरोहण’ संगठन की प्रथम बैठक संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य वर्धमान सागर के स्मरण एवं आचार्य अभिनंदन सागर महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। दीप प्रज्ज्वलन अनुराग वेद, अभिषेक जैन, टीना जैन एवं नयना कासलीवाल द्वारा किया गया।

तीन प्रमुख उद्देश्यों पर होगा कार्य

संगठन की सूत्रधार रेखा जैन ने बताया कि ‘आरोहण’ के उद्देश्यों को तीन भागों में विभाजित किया गया है—

धार्मिक आयोजनों में सक्रिय सहभागिता

मर्यादा के अनुरूप सांस्कृतिक एवं मनोरंजनात्मक कार्यक्रम

समाजजनों को व्यापारिक रूप से एक-दूसरे से जोड़ना

सदस्यता के नियम निर्धारित

बैठक में बताया गया कि संगठन का सदस्य वही बनेगा जो अहिंसा धर्म को मानने वाला हो, जैन संतों में आस्था रखता हो तथा उनके वचनों का पालन करता हो।

आगामी कार्यक्रमों की घोषणा

बैठक में निर्णय लिया गया कि 22 मार्च को नई कार्यकारिणी की घोषणा की जाएगी। साथ ही 21 मई को श्रुत पंचमी पर्व उत्साहपूर्वक मनाया जाएगा।

‘आरोहण परिवार’ से जुड़े सदस्यों के घर जाकर जन्मदिन एवं विवाह वर्षगांठ पर शुभकामनाएं देने की परंपरा प्रारंभ करने का भी निर्णय लिया गया, जिससे आपसी संबंध सुदृढ़ हो सकें।

वेबसाइट का हुआ विमोचन

इस अवसर पर ‘आरोहण’ की आधिकारिक वेबसाइट का विमोचन किया गया। वेबसाइट निर्माण करने वाली पायल जैन का स्वागत श्रद्धा जैन, निधि जैन, मीनल जैन एवं अंकुरी जैन द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का संचालन संगठन की सूत्रधार रेखा संजय जैन ने किया। बैठक में कमलेश जैन, संजय पापड़ीवाल, हितेश कासलीवाल, पिंकी कासलीवाल, वर्णित जैन, रोहित जैन, सम्यक जैन, संजय जैन, सुहानी कासलीवाल, अचल जैन, हितेंद्र जैन, दीपक कुमार जैन सहित कुल 30 सदस्य उपस्थित रहे।

युवाओं को संस्कृति से जोड़ने का मुनि श्री का प्रयास यूथ रूबरू

युवाओं को संस्कृति से जोड़ने का मुनि श्री का प्रयास यूथ रूबरू

डिजिटल माध्यमों का उपयोग धर्म संस्थापन के लिए कर रहे हैं महाराज श्री

डिजिटल माध्यमों का उपयोग धर्म संस्थापन के लिए कर रहे हैं महाराज श्री

इंदौर में ‘आरोहण’ परिवार की घोषणा

युवाओं को धर्म व व्यापार से जोड़ने का संकल्प
इंदौर, 28 सितंबर 2025। मां जिनवाणी प्रतिष्ठा महोत्सव के पावन अवसर पर अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए ‘आरोहण’ नाम से एक नए संगठन की स्थापना का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह परिवार युवाओं को धर्म, समाज, संस्कार और संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें व्यापारिक क्षेत्र में भी सशक्त बनाने का कार्य करेगा।
मुनि श्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में आवश्यक है कि युवाओं की दिनचर्या में जैन संस्कारों का समावेश हो। इसी उद्देश्य से ‘आरोहण’ परिवार की रचना की जा रही है, जिससे नई पीढ़ी आध्यात्मिक मूल्यों के साथ सामाजिक और आर्थिक रूप से भी सक्षम बन सके।
उन्होंने बताया कि ‘आरोहण’ परिवार की शुरुआत इंदौर से की जाएगी, जो आगे चलकर देशभर में विस्तार पाएगा। संगठन का उद्देश्य युवाओं को एक सकारात्मक मंच प्रदान करना है, जहां वे धर्म के मार्गदर्शन में समाज सेवा और व्यवसायिक उन्नति के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
मुनि श्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यह संगठन श्रीक्षेत्र के प्रति समर्पित रहेगा तथा वहां की आध्यात्मिक परंपरा और संस्कृति के संरक्षण व प्रचार-प्रसार में सहयोग करेगा।
घोषणा के पश्चात उपस्थित समाजजनों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायी कदम बताया।