आरोहण फाउंडेशन द्वारा गुरुवार को एनआईएफ ग्लोबल कैंपस में आरोहण उत्सव की वास्तविक भूमिका को अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज ने समझाया। आयोजन का शुभारंभ दीप प्रज्वलन व मीनल जैन द्वारा मंगलाचरण से हुआ।
मुनिश्री के मंगल सानिध्य में हुए इस कार्यक्रम में ऑन स्क्रीन आरोहण फाउंडेशन के गठन के उद्देश्य, कार्य और भविष्य की योजना और संरचना पर आरोहण फाउंडेशन की सारथी रेखा संजय जैन ने संपूर्ण जानकारी का पीपीटी द्वारा प्रदर्शन किया। इसमें रेखा जैन ने बताया कि आरोहण एक परिवार–एक विचार तथा ज्ञान और संस्कार की नई उड़ान है। आरोहण के स्वप्न दृष्टा जगद्गुरु कर्मयोगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति स्वामी जी श्रवणबेलगोला थे और उनके स्वप्न को पूरा करने वाले अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज जी हैं। इस महती कार्य को पूरा करने में मार्गदर्शन जगद्गुरु समत्वयोगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति स्वामी जी श्रवणबेलगोला का मिला।
स्वाध्याय परंपरा को पुनर्जीवित करने को प्रतिबद्ध
आरोहण का परिचय धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन के रूप में है। मुनि श्री पूज्य सागर महाराज के आशीर्वाद से परिवार आधारित संरचना बन पाया। आरोहण फाउंडेशन के उद्देश्य जैन धर्म की रक्षा और उसका प्रचार करना, स्वाध्याय परंपरा को पुनर्जीवित करना, समाज में एकता और संस्कार बढ़ाना
आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की ओर कदम बढ़ाना है। आरोहण के प्रमुख विशेषताएं यह है कि इसमें कोई शुल्क और दान नहीं है। केवल भक्ति, सेवा और स्वाध्याय करना है।संतवाद-पंथवाद से ऊपर तीर्थंकर वाणी को सर्वोपरि रखना भी है। आरोहण की मुख्य संरचना में 15–20 सदस्यों का परिवार है। इसकानाम धार्मिक आधार पर है जैसे–अरिहंत परिवार।
आरोहण की गतिविधियां
आरोहण फाउंडेशन की गतिविधियों में धार्मिक विधान और पूजन,सांस्कृतिक एवं मर्यादित मनोरंजन कार्यक्रम के अलावा सामाजिक सेवा कार्य तथा स्वाध्याय एवं संस्कार शिविर का आयोजन करना शामिल है। संगठन प्रणाली के बारे में सारथी रेखा संजय जैन ने बताया कि धर्म चक्रवर्ती समिति में 21 सदस्य होंगे। संचालन समिति (कार्य निष्पादन) होगी और इनके निर्णय धर्म आधारित होंगे। बताया गया कि संस्था के मुख्य सिद्धांतों में एकता और सामूहिकता के साथ संयमित जीवनशैली के अलावा सात्त्विक आहार-विहार और अनुशासन और सेवा प्रमुख हैं। संस्था का संकल्प संस्कारों से समाज, समाज से संस्कृति,
और संस्कृति से समृद्धि का है।
धार्मिक विधान और समाज कल्याण का संकल्प
आरोहण फाउंडेशन के बारे में अपने मंगल उदबोधन में अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज ने कहा कि आरोहण का उद्देश्य युवाओं को धर्म से जोड़ना, समाज के उत्थान और समाज सेवा के विभिन्न प्रकल्पों को करने तथा जैन संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के साथ-साथ दिगंबर जैन समाज के धार्मिक कार्यक्रमों पंच कल्याणक, कलश अभिषेक, शांतिधारा, विश्व शांतियज्ञ आदि में अपनी भूमिका से सहयोग प्रदान करना है। समाज के युवाओं को रोजगार सृजन के लिए प्रेरित कर समाज को समृद्ध करने में भी सहयोग प्रदान करना है। इसमें समाज के युवक और युवतियों को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। यह टीम समाज सेवा, चिकित्सा, शिक्षा सहित कई प्रकल्पों में मददगार होगी। तथा वर्तमान में आरोहण फाउंडेशन का ऐप और वेब साइट भी बन चुकी है।
यह अतिथि भी रहे उपस्थित
इस अवसर पर समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सारस्वत अतिथि राष्ट्रीय कवि सत्यनारायण सत्तन, देवपुत्र के संपादक गोपाल माहेश्वरी, पत्रिका के संपादक अनिल कर्मा, मोयरा सरिया के डायरेक्टर व प्रमुख समाज सेवी संदीप जैन, ग्रेटर बाबा नवग्रह जिनालय के अध्यक्ष नरेंद्र वेद, कॉलोनी डेवलेपर जितेंद्र जैन मौजूद रहे।
पीपीटी के माध्यम से कार्यों की दी जानकारी
वर्तमान में आरोहण फाउंडेशन के लगभग 80 सदस्यों में से अनुराग वेद, निधि जैन, अभिषेक जैन, पूर्विशा जैन, लवीश पंचोलिया, पायल जैन, रेखा जैन द्वारा पीपीटी के माध्यम से अपने कार्यों की विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत की गई।
इस अवसर पर अमित कासलीवाल, टीके वेद, डीके माला जैन, कैलाश वेद, आरके रानेका, नमीष जैन, गिरीश रारा, नकुल पाटोदी, निर्मल कासलीवाल, सुशील पंड्या, वितुल अजमेरा, अनूप गांधी, संजय पापड़ीवाल, श्रेष्ठी जैन, नवनीत काका, कमलेश जैन, राजेश नीता जैन, रितेश पिंकी कासलीवाल सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्रीफल जैन न्यूज़ की संपादक रेखा संजय जैन ने किया।
